लेखक : विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद : आ. चारुमति रामदास लेखक : विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद : आ. चारुमति रामदास
तो सारे काम आपके हिसाब से होंगे और सारा फैसला आओके तरफ होगा। तो सारे काम आपके हिसाब से होंगे और सारा फैसला आओके तरफ होगा।
मेरी हिंदी उन्हें काफी अच्छी लगी थी, मुंबई की आम बोलचाल हिंदी की अपेक्षा गृहस्वामी बोले-तुम पढ़ाई क्... मेरी हिंदी उन्हें काफी अच्छी लगी थी, मुंबई की आम बोलचाल हिंदी की अपेक्षा गृहस्वा...
एक तारीख जैसे घर में उत्सव होता है उस दिन वह धुली हुई साड़ी पहन दर्पण के सामने बैठकर चोटी बनाती है। ... एक तारीख जैसे घर में उत्सव होता है उस दिन वह धुली हुई साड़ी पहन दर्पण के सामने ब...
जीवन जीने के लिए है या 1 तारीख के इंतजार के लिए जीवन जीने के लिए है या 1 तारीख के इंतजार के लिए
उनके सामने तारीख लेना शेर के मुँह से शिकार छीनने जैसा था। यदि तारीख़ देते भी तय भारी जुर्माने के साथ। उनके सामने तारीख लेना शेर के मुँह से शिकार छीनने जैसा था। यदि तारीख़ देते भी तय भ...